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  • 96 दुकान, 7 लाख रूपए वार्षिक किराया फिर भी नहीं हो पा रहा स्टेडियम का रखरखाव…, पढिए पूरी खबर…?

    नए बेडमिंटन हॉल में यूनिवर्सिटी छात्रों को भी नहीं मिल पा रही खेल सुविधा

    छतरपुर (Ankur Yadav)। शहर का पं. बाबूराम चतुर्वेदी स्टेडियम रखरखाव न हो पाने के कारण दुर्दशा का शिकार है। स्वीमिंग पूल, पुराना बेडमिंटन भवन, रनिंग ट्रेक सहित मैदान भी मेंटीनेंस मांग रहा है। आए दिन होने वाले शासकीय एवं निजी कार्यक्रमों के  लिए भी स्टेडियम का उपयोग किया जाता है और कार्यक्रम हो जाने के बाद बिना मेंटीनेंस के ही छोड़ दिया जाता है। चौकाने वाली बात ये है कि स्टेडियम के रखरखाव के लिए व्यवसायिक हॉल सहित 96 दुकानें आवंटित हैं जिनसे लगभग 7 लाख रूपए वार्षिक किराया प्राप्त होता है। फिर भी स्टेडियम के ये हालात हैं।

    दुकानदारों का कब्जा, सवा करोड़ का बकाया नहीं चुकाया
    उल्लेखनीय है कि यूनिवर्सिटी में विलय के बाद स्टेडियम भी यूनिवर्सिटी प्रबंधन के अंतर्गत है। जानकारी के अनुसार एक मीटिंग में यूनिवर्सिटी प्रबंधन स्टेडियम के आय-व्यय का ब्यौरा भी नहीं रख सका था। खिलाडिय़ों की सुविधा के लिए स्पोट्र्स हॉस्टल कॉम्पलेक्स बनाया गया था जिसमें 7 कमरे व 16 दुकानें हैं। इन 16 दुकानों से प्रीमियम के रूप में 2 करोड़ 27 लाख 59 हजार रूपए जुटाए जाना थे। आवंटन के 7 साल बाद एक दर्जन से अधिक दुकानदारों ने प्रीमियम की लगभग 1 करोड़ 28 लाख 66 हजार रूपए की राशि जमा नहीं कराई है जिसे जमा कराने के लिए तत्कालीन महाराजा कॉलेज प्रबंधन और अब विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा समुचित प्रयास किया जाता नहीं दिख रहा। बताया तो यह भी जा रहा है कि अधिकांश दुकानदारों का कई माह से लाखों रूपए का किराया भी जमा नहीं है जबकि दुकानों से प्राप्त न्यूनतम किराया 282 रूपए व अधिकतम किराया 1150 रूपए निर्धारित है।

    बेडमिंटन हॉल पर चुनिंदा लोगों का कब्जा
    युवा खिलाडिय़ों को बेहतर खेल सुविधा प्रदान कराने बनाए गए इंडोर बेडमिंटन हॉल का लाभ यूनिवर्सिटी के छात्रों व कमजोर वर्ग के प्रतिभावान खिलाडिय़ों को भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है साथ ही स्टेडियम कर्मचारी के बताए अनुसार पुलिस लाइन रोड तरफ गेट के बगल से सटे परिसर का उपयोग कई वर्षों से अधिकारियों के परिवार पार्टी मनाने के रूप में करते आ रहे हैं। जब इस संबंध में संंबंधितजनों से जानकारी चाही गई तो वह उत्तर देने से बचते दिखे।

    इन दुकानदारों पर बकाया है राशि
    दुकानदार का नाम            बकाया राशि
    नंदकिशोर साहू                7.35  लाख
    अमित द्विवेदी                   2.02 लाख
    अभिषेक द्विवेदी               5.05 लाख
    रागिनी त्रिपाठी                 5.65 लाख
    रवि द्विवेदी                     10.00 लाख
    नवीन कुमार पाण्डेय        28.00 लाख
    मोहित गुप्ता                   12.00 लाख
    अम्बुज चौरसिया             13.01 लाख
    करूणानकर रावत          10.11 लाख
    निखिल जैन                    3.30 लाख
    श्रीमती अनुपम अग्रवाल    3.66 लाख
    विवेक गुप्ता                    8.00 लाख
    प्रतीक तिवारी                 7.10 लाख
    विवेक गुप्ता                   1.60 लाख
    ओमकार चौरसिया          3.05 लाख
    श्रीमती शानू प्रजापति       3.10 लाख

    नए बेडमिंटन हॉल में लग रहा पैसा
    स्टेडियम परिसर में दो बेडमिंटन हॉल हैं। पुराने बेडमिंटन हॉल में जगह-जगह मेंटीनेंस की जरूरत है साथ ही रखरखाव भी अपर्याप्त है जबकि नए बेडमिंटन हॉल को छात्रों व कमजोर वर्ग के खिलाडिय़ों को भी सशुल्क व्यवस्था के अंतर्गत रखा गया है। हालांकि प्रशासन ऐसा मेंटीनेंस बनाए रखने के लिए करने का तर्क दे रहा है। खेल अधिकारी राजेन्द्र कोष्टा ने बताया कि नए बेडमिंटन हॉल की चाबी व शुल्क जमा करने की व्यवस्था जिला प्रशासन के शशांक निगम के पास है। वहीं शशांक निगम ने बातचीत में अपने पास शुल्क जमा कराने व चाबी होने इनकार किया। उन्होंने बताया कि इसके लिए एक कमेटी बनी है जिसके अध्यक्ष जिला कलेक्टर हैं। बेडमिंटन कोर्ट सुबह और शाम तीन-तीन घंटे के लिए खुलता है और खिलाडिय़ों के सभी बैच भरे हुए हैं। अगर कोई यहां खेलना चाहता है तो अपना आवेदन समिति के सदस्य कोष्टा जी के पास कर सकता है। स्थान उपलब्ध होते ही उसे खेल सुविधा का लाभ मिल सकेगा। वहीं कोष्टा जी ने बताया कि यह हॉल सभी के लिए सशुल्क है। यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए भी नि:शुल्क व्यवस्था नहीं है। यूनिवर्सिटी कैम्पस में बने इस खेल भवन का लाभ छात्रों व प्रतिभावान कमजोर वर्ग के खिलाडिय़ों को कम ही मिल पा रहा है। क्योंकि अधिकांश बैच सुविधा सम्पन्न लोगों ने बुक करा लिए हैं।

    जिम्मेदारों ने साधी चुप्पी
    स्टेडियम रखरखाव व स्टेडियम परिसर के भवनों के उपयोग के संबंध में जब यूनिवर्सिटी प्रबंधन से जानकारी चाहने के लिए संपर्क करने की कोशिश की गई तो कुलपति का मोबाइल अटेण्ड नहीं हुआ। वहीं कुलसचिव ने बिना स्टेटमेंट दिए ही मीटिंग में जाने की बात कहकर फोन रख दिया।

    स्पोट्र्स हॉस्टल कॉम्पलेक्स
    – कुल आवंटित दुकानें-16
    – कुल प्रीमियम राशि -2 करोड़ 27 लाख 59 हजार
    – बकाया प्रीमियम राशि- 1 करोड़ 8 लाख 59 हजार
    – कुल प्रीमियम जमा- 1 करोड़ 19 लाख
    – लड्डू गोपाल मंदिर के बगल में प्रथम तल पर बकाया हॉल व 20 नंबर दुकान की शेष प्रीमियम राशि 20 लाख 7 हजार
    – स्टेडियम की दुकानों से बकाया प्रीमियम राशि 1 करोड़ 28 लाख 67 हजार रूपए

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