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  • आकाशवाणी छतरपुर बनी गड़बडिय़ों का अड्डा

    आकाशवाणी छतरपुर बनी गड़बडिय़ों का अड्डा

    छतरपुर। आकाशवाणी छतरपुर ने स्थापना के समय से लेकर पिछले कुछ वर्षों तक लगातार उत्कृष्ट कार्यक्रमों का प्रसारण करके देश भर में नाम कमाया था लेकिन पिछले कुछ वर्षों से कार्यक्रमों की गुणवत्ता को ताक पर रखकर काम चलाया जा रहा है जिससे श्रोता निराश हैं और उनकी संख्या में कमी आती जा रही है। सुबह से लेकर शाम तक के कार्यक्रमों में अपनी आवाज़ प्रसारित करने की चाहत में केंद्र निदेशक ने कार्यक्रमों की रोचकता भी खत्म कर दी है।

    सौ से ज्यादा एनाउंसर, कंपीयर होने के बावजूद अपनी आवाज़ में बनाते हैं विज्ञापन

    आकाशवाणी छतरपुर में एक परमानेंट एनाउंसर के अलावा लगभग 40 आकस्मिक उद्घोषक और विभिन्न कार्यक्रमों के कंपीयर काम कर रहे हैं। उनका प्रमुख कार्य उद्घोषणाओं व कार्यक्रम प्रस्तुत करने के अलावा समय समय पर बनने वाले विज्ञापनों में अपनी आवाज़ देना होता है लेकिन केंद्र प्रमुख शंभूदयाल अहिरवार की तानाशाही और अपनी आवाज़ प्रसारित होने की आत्ममुग्धता के चलते उन्होंने लगभग आधा सैकड़ा विज्ञापन एक ही अंदाज में रिकॉर्ड करवाए हैं और उन्हें प्रसारित किया जाता है। एक ही आवाज और एक ही तरह की स्टाइल की वजह से ये विज्ञापन भी नीरस लगते हैं। जो विज्ञापन फिलहाल चलाए जा रहे हैं उनको सामाजिक सरोकार का कहकर जबरन प्रसारित किया जा रहा है जबकि उनकी कोई आवश्यकता नहीं है। क्योंकि उन्ही विषयों पर आधारित कार्यक्रम व वार्ताएं लगभग रोज ही प्रसारित होती हैं।

    उद्घोषकों के पेमेंट में हुआ बड़ा घोटाला

    आकाशवाणी छतरपुर में काम करने वाले उद्घोषकों के पेमेंट ट्रांसफर में बड़ा घोटाला सामने आया है। दरअसल आकाशवाणी में काम करने वाले आउट साइडर्स को पेमेंट ट्रांसफर की बड़ी जिम्मेदारी दे दी गई। सूत्र बताते हैं कि संबंधित व्यक्ति ने बैंक खातों में हेर फेर करके अपने संबंधियों के खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए। चूंकि आकाशवाणी का पेमेंट अक्सर देरी से होता है अत: किसी ने ध्यान नहीं दिया लेकिन जब ज्यादा समय गुजर गया तो लोगों ने एकाउंट सेक्शन में संपर्क किया। संपर्क करने पर पूरा घोटाला सामने आया। इस गड़बड़झाले में आकाशवाणी के अधिकारियों की मिलीभगत से इनकार नही किया जा सकता क्योंकि जालसाजी करके दूसरे खातों में पैसे ट्रांसफर की शिकायत मिलते ही कुछ लोगों के पैसे लौटाकर संबंधित व्यक्ति को बाहर का रास्ता तो दिखा दिया लेकिन आकाशवाणी के अधिकारियों ने इस वित्तीय हेराफेरी की शिकायत पुलिस में आज तक नहीं की।

    एक बार महिला आयोग के सामने माफीनामा दे चुके हैं शंभूदयाल

    आकाशवाणी छतरपुर में पदस्थ केंद्र निदेशक शंभूदयाल अहिरवार की कारगुजारियों की फेहरिस्त काफी लंबी है। कार्यक्रमों की गुणवत्ता पर ध्यान न देकर सिर्फ अपनी आवाज़ ज्यादा से ज्यादा किस तरह प्रसारित हो, इस पर उनका पूरा ध्यान रहता है। इसी के चलते लगभग दो साल पहले सुबह की सभा में महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक कविताएं प्रसारित हुई थीं जिसकी शिकायत महिला आयोग में होने से शंभूदयाल को लिखित में माफीनामा देना पड़ा था। लेकिन आज भी इस महत्वपूर्ण पद पर बैठने के बाद हालात नहीं सुधरे हैं। दिसंबर माह के सोमवार को ही सुबह की सभा में खेती किसानी कार्यक्रम में गर्मियों में मुर्गी पालन के गुर बताए जा रहे थे जबकि इस समय बेतहाशा सर्दियां पड़ रही हैं।

    इतिहास में पहली बार वंदना कार्यक्रम में भी लगा दिए अपनी आवाज़ वाले विज्ञापन

    आकाशवाणी की स्थापना से अब तक विज्ञापनों का सिलसिला सुबह सात बजकर तीस मिनट पर प्रसारित होने वाले फिल्म संगीत से शुरू होता था। उसमे भी व्यवसायिक विज्ञापन चलाए जाते थे। शंभूदयाल अहिरवार ने मनमानी के चलते अनावश्यक विज्ञापन बनाकर वंदना और आरती के बीच बजाना अनिवार्य कर दिया है जबकि उन्हें रोका जा सकता है क्योंकि वंदना कार्यक्रम लोग बिना व्यवधान के सुनना पसंद करते हैं लेकिन केंद्र निदेशक सुबह से ही अपनी आवाज़ लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।

    युववाणी कंपीयर पैनल में अपने चहेतों को किया शामिल

    आकाशवाणी में शाम को युवाओं के लिए प्रसारित होने वाले कार्यक्रम युववाणी के पैनल के लिए भर्तियां आयोजित की गईं थीं। श्रोता बताते हैं कि इस बार कार्यक्रम में ऐसे लोगों की आवाज सुनने को मिल रही है जो ठीक से पढऩा और शब्दों का उच्चारण करना भी नहीं जानते। ऐसे लोगों को भर्ती करके आकाशवाणी अपना स्तर गिराने का काम कर रही है जबकि पूर्व में उन्ही लोगों को पैनल में शामिल किया जाता था जिनका उच्चारण स्पष्ट हो और प्रस्तुतिकरण का तरीका आकाशवाणी के लिहाज से प्रभावशाली हो लेकिन अपने चहेतों को पैनल में शामिल करने के चक्कर में कार्यक्रम की रोचकता खत्म की जा रही है। एक तो वैसे ही आकाशवाणी केंद्रों पर संकट के बदल छाए हुए हैं। स्थानीय लोगों और आकस्मिक उद्घोषकों के प्रयास से बंद हो चुकी आकाशवाणी एकबार फिर सुनने को मिल रही है लेकिन अगर कार्यक्रमों की गुणवत्ता ऐसे ही गिरती रही तो वह दिन दूर नहीं जब ऊपर के अधिकारी आकाशवाणी केंद्र बंद कर दें।

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    Peptech Town, Chhatarpur (M.P.)​

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