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  • नृत्य भी ईश्वर की साधना का माध्यम है: डॉ. मोहन यादव

    नृत्य भी ईश्वर की साधना का माध्यम है: डॉ. मोहन यादव

    खजुराहो। मंगलवार का दिन मप्र और खजुराहो की धरती के लिए ऐतिहासिक हो गया। भगवान मतंगेश्वर और चंदेल राजाओं के विश्व प्रसिद्ध मंदिरों के लिए विख्यात खजुराहो की धरती पर भारतीय शास्त्रीय नृत्य कथक को लेकर विश्व कीर्तिमान बना। यहां एक साथ लगभग 1800 कलाकारों ने गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में नाम दर्ज कराने के लिए सामूहिक नृत्य प्रस्तुति दी। इस ऐतिहासिक क्षण पर मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित कई जानी-मानी हस्तियां यहां मौजूद रहीं।
    उल्लेखनीय है कि खजुराहो में होने वाले वार्षिक नृत्य समारोह का यह 50वां वर्ष है। आयोजन की 50वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए संस्कृति विभाग मप्र शासन और जिला प्रशासन ने इस वर्ष इसे नई भव्यता प्रदान की है। संस्कृति विभाग के द्वारा 20 फरवरी से 26 फरवरी तक खजुराहो नृत्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इसी आयोजन का शुभारंभ सामूहिक कथक नृत्य की प्रस्तुति के साथ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी इस लम्हे को देखकर गदगद हो गए। उन्होंने कहा कि आज मप्र के कलाकारों और संस्कृति विभाग ने विश्व कीर्तिमान रच दिया है। उन्होंने कहा कि नृत्य का यह आनंद बता रहा है कि मप्र नई ऊंचाईयां छू रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कला और संस्कृति के विकास के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। नृत्य साधना भी ईश्वर को रिझाने का एक माध्यम है। उन्होंने नृत्य को भगवान शिव की साधना का माध्यम बताते हुए कहा कि हम प्रदेश में कला और संस्कृति के विकास के लिए नए प्रयास कर रहे हैं। खजुराहो में भी एक कला गुरूकुल खोला जाएगा जिसमें विशिष्ट प्रशिक्षकों को साथ में रखकर हम युवा कलाकारों को तैयार करेंगे। इस मौके पर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, विधायक ललिता यादव, बबलू शुक्ला, अरविंद पटैरिया, पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिवश्ेाखर शुक्ला सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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